! !

जिजीविषा


जिजीविषा
थक जाती है
लम्बी कतार देख, 
और ढूंढती है
कमरा
जो लिखा है
पर्ची पर
कमरा 415, 223, 115,
जिजीविषा
हैरान परेशान है
लोगों की भीड़ देख कर,
और उतरती है सीढ़ियां
धीरे धीरे 
निढाल होती जिजीविषा 
लुढ़क जाती है
स्टेरचर पर
अगले दिन तक
फिर से
दौड़ने और कमरा ढूढ़ने के लिए... 

1 COMMENTS:

राजा कुमारेन्द्र सिंह सेंगर on 23 मार्च 2018 को 12:19 am ने कहा… Best Blogger Tips[Reply to comment]Best Blogger Templates

आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन जल बिना जीवन नहीं : ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...

एक टिप्पणी भेजें

" आधारशिला " के पाठक और टिप्पणीकार के रूप में आपका स्वागत है ! आपके सुझाव और स्नेहाशिर्वाद से मुझे प्रोत्साहन मिलता है ! एक बार पुन: आपका आभार !

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

लेखा जोखा



आपके पधारने के लियें धन्यवाद Free Hit Counters

 
? ! ? ! INDIBLOGGER ! ? ! ? ! ? ! ? ! ? हिंदी टिप्स ! हिमधारा ! ऐसी वाणी बोलिए ! ? ! ? ! ब्लोगर्स ट्रिक्स !

© : आधारशिला ! THEME: Revolution Two Church theme BY : Brian Gardner Blog Skins ! POWERED BY : blogger