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तस्वीरें


तस्‍वीरें
मूक नहीं होती 
कह देती है
अनगिनत शब्‍द
बेहद खामोशी से,
तस्‍वीरें
खुश भी होती है 
तस्‍वीरेंं
गमगीन भी होती है
सह लेती है 
सब, सभी कुछ 
बेहद खामोशी से, 
तस्वीरें
मांगती कुछ भी नहीं,
सदैव देती है 
अल्हाद, अवसाद, 
प्रेम, बेहद खामोशी से, 
तस्वीरें
ज़िंदा रहती है सदैव
और कहती रहती है
एक कहानी, एक इतिहास
बेहद खामोशी से .... 

2 COMMENTS:

kuldeep thakur on 11 दिसंबर 2017 को 4:34 pm ने कहा… Best Blogger Tips[Reply to comment]Best Blogger Templates

दिनांक 12/12/2017 को...
आप की रचना का लिंक होगा...
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी इस चर्चा में सादर आमंत्रित हैं...

Ravindra Singh Yadav on 13 दिसंबर 2017 को 12:09 am ने कहा… Best Blogger Tips[Reply to comment]Best Blogger Templates

वाह ! क्या कहने !
तस्वीरों से अर्थ निकालती सुन्दर रचना।
बधाई एवं शुभकामनाऐं।

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