! !

शनिवार, मई 15

सीख


परम बाबा देवरहा,विरक्त संत थे। वृंदावन में यमुना तट पर बने मचान में वह साधना में लीन रहते थे। अपने दर्शनार्थियों को बाबा हमेशा सदाचार का पालन करने, अपने कर्तव्यों को धर्म मानने और हर क्षण भगवान को याद रखने की प्रेरणा दिया करते थे। एक बार इलाहाबाद से कुछ भकतजन वृंदावन आए। वे बाबा के पूर्व परिचित थे, इसलिए बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे। देवरहा बाबा ने पूछा बच्चा, प्रतिदिन भगवान की पूजा उनके नाम का जाप तो पूर्ववत चल रहा है न।  उनमें से एक ने कहा बाबा, हम पहले भगवान की पूजा करते थे। पर अब हमने एक संत को गुरु बना लिया है। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों तक पूजा करने के बाद भी भगवान के दर्शन नहीं कर पाए। इसलिए अब हमारे दर्शन कर समझ लो कि ईश्वर के दर्शन कर रहे हो। मेरे नाम का जप करो। उनके आदेश से ही हमने राम-कृष्ण की पूजा छोड़ दी है। अब उन्हीं के नाम का कीर्तन करते  हैं। यह सुनकर देवरहा बाबा बोले बेटा, तुम कलियुग के प्रभाव में गए हो। स्वयंभू अवतार के झांसे में आकर भटक गए हो। जो संत भगवान की पूजा छुड़वाकर अपनी पूजा कराता है और अपने नाम का मंत्र देता है, वह भगवान तो छोड़ो, संत भी नहीं है। सच्चा संत वही है, जो अपने को तुच्छ समझता है। भगवान के भजन का तरीका बताता है।’ बाबा देवरहा  के वचन सुनकर उनकी आंखें खुल गईं। और उन्होंनेऊं नमो भगवते वासुदेवायमंत्र का जाप करने का संकल्प ले लिया। 

0 COMMENTS:

एक टिप्पणी भेजें

" आधारशिला " के पाठक और टिप्पणीकार के रूप में आपका स्वागत है ! आपके सुझाव और स्नेहाशिर्वाद से मुझे प्रोत्साहन मिलता है ! एक बार पुन: आपका आभार !

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

लेखा जोखा



आपके पधारने के लियें धन्यवाद Free Hit Counters

Creative Commons License
This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivs 3.0 Unported License.
 
ब्लोगवाणी ! चिठाजगत ! INDIBLOGGER ! BLOGCATALOG ! हिंदी लोक ! NetworkedBlogs ! INDLI ! VOICE OF INDIANS हिंदी टिप्स ! हिमधारा ! ऐसी वाणी बोलिए ! हिमाचली ब्लोगर्स ! हिंदी ब्लोगों की जीवनधारा ! ब्लोगर्स ट्रिक्स !

© : आधारशिला ! THEME: Revolution Two Church theme BY : Brian Gardner Blog Skins ! POWERED BY : blogger