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रविवार, दिसंबर 20

मौनव्रत


मौनव्रत   का सर्वाधिक महत्त्व इसी में है की साधक अपनी चित्वृतियों को संयमित कर अपने लक्ष्य पर लगा दे ! वाणी का सायं रखना वरदान रूपों में सुखद होता है ! अत: हिन्दू धर्म व जैन धर्म में मौनव्रत  की अनंत महिमा गाई गई है

2 COMMENTS:

shubhi on 20 दिसंबर 2009 को 12:16 pm ने कहा… Best Blogger Tips[Reply to comment]Best Blogger Templates

वाल्टर स्काट ने कहा भी है कि वाणी के हर शब्द में जो कुछ भी प्रीतिकर है उनमें निहित मौन और भी श्रेष्ठतम है हम सब के लिए शब्द गहरा है समय की तरह और मौन गहरा है शाश्वत की तरह

परमजीत बाली on 20 दिसंबर 2009 को 3:12 pm ने कहा… Best Blogger Tips[Reply to comment]Best Blogger Templates

बढ़िया विचार।

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