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गुरुवार, अक्तूबर 19

स्मृतियां

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दबे पांव
कुछ स्मृतियां
आएगी सामने
छम से रौशनी लिए ,
ढूंढेंगे शब्द, अर्थ 
और शब्दावली,
फिर हो जाएगी गुम
रौशनी स्मृतियां 
तुरंत 
कहीं अंधकार में 
प्रश्न अनेक छोड़ ...

मंगलवार, अक्तूबर 17

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...

व्यापार। लघुकथा

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- दस और पचास का स्टाम्प पेपर तो दीजिये।
- दस और पचास के तो नहीं है बीस और सौ के ही आ रहे है।
- जरूरत तो दस और बीस की ही थी। इसमें तो रुपये ज्यादा लग जाएंगे।
- जनाब यही है। इस बाहने दो पैसे हमारे भी बन जाएंगे। 
- अरे शर्मा जी, "ईश्वर से तो डरिये अगले जन्म में लंगड़ी खच्चर बनोंगे"।
आस पास के लोग ठहाके लगा रहे थे और आस्था हवा में बिखरी पड़ी थी।

सोमवार, अक्तूबर 16

गांव

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गांव,
नहीं रहा है गाँव अब,
गांव बन गया है
षड्यंत्रकारियों,
चोरों और उच्चकों का गढ़,
संवेदना खत्म हो गई है
भर गई कड़वाहट
रिश्तों में है शून्यता,
सुरक्षित नहीं रहा है
गाँव अब
रास्ते , पगडंडियां और गालियां
हो गई है असुरक्षित,
ना जाने
कहाँ से निकल आये कोई
और
कत्ल कर दे
सम्मान, संवेदना और सहृयता का,
नहीं रहा है गांव
अब गाँव ।

मंगलवार, सितंबर 5

अंतर तो बताइए

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धे घोड़े में अंतर ज़रा समझाइये जनाब, 

नियम उप नियम क्या है बताइये जनाब।

बन्द कमरों में योजनाएं बनानी है आसान ,

कभी यथार्थ के धरातल पर भी आइये जनाब।

हमी से ये बाग बागीचे और शानो शौकत,

दो मिट्ठे बोल और गले तो लगाइये जनाब।

हर इल्ज़ाम हमी पर हम सब चोर है क्या,

शक अगर है इतना तो थाना बैठाइए जनाब।

टूट जाये दिल गुम जाए अरमान तुमको क्या,

ग्राहक बहुत है आप दुकान सजाइये जनाब।

शासक जनता का फर्क समझता है  विक्षिप्त,

प्रजा है आपकी इतना मत हड़काइये जनाब 

गुरुवार, फ़रवरी 2

सुंदरता

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उसकी बातें उसकी सुंदरता की तरह ही आकर्षक होती थी। कोई भी उससे मिलता तो उसका मुरीद हो जाता। मैं भी उसकी उसकी बातों से बेहद प्रभावित रहा।
कार्यालय में सभी स्टाफ सदस्य वार्षिक उत्सव पर विचार विमर्श कर रहे थे कि सेवादार ने सूचना दी कि गांव से उसके सास ससुर मिलने आये है। ।
मैंने उससे आग्रह किया कि आप सास ससुर से मिलने जा सकती हैं। उसने बड़े ही रूखे स्वर में तुरंत  इनकार कर दिया और कहने लगी उनका लड़का मिल लेगा । उनके शरीर से तो गांव वाली गंध आती है।
मैं हैरानी से उसका चेहरा ताकता रह गया। उसकी सुंदरता अब मुझे कुरूपता नज़र आ रही थी।

तबियत

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तबियत नासाज़ है तुम दुआ करना
मुझे और जीना है तुम दुआ करना

आना जाना है एक कटु सत्य
चलते जाना है तुम दुआ करना

उड़ता रहू पंख न थके मेरे
लगे न प्यास तुम दुआ करना

बहुत काम करने है अभी
कुछ न रहे शेष तुम दुआ करना

सुनी है ढेरों झूठी कथाएं यहाँ
मैं सच पर रहूँ तुम दुआ करना

इक दौड़ है एक खेल है जीवन
जीतता रहूँ मैं तुम दुआ करना

यारब ये अफवाहों  का दौर कैसा
बेगुनाही रहे मेरी तुम दुआ करना

विक्षिप्त हूँ समझता हूँ  बेरुखी तुम्हारी
मर कर जी जाऊं तुम दुआ करना

लेखा जोखा



आपके पधारने के लियें धन्यवाद Free Hit Counters

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